हिसार के गांव स्याहड़वा में कुएं में दबे दो किसानों में से एक किसान जगदीश के शव को निकाल लिया गया है। 21 घंटे बाद सोमवार सुबह 4.38 बजे जगदीश को कुएं से बाहर निकाला गया। सोमवार तड़के आई आंधी के कारण कुछ घंटे के लिए बचाव कार्य को रोकना पड़ा। वहीं दूसरे मजदूर जयपाल को निकालने के लिए प्रयास जारी हैं।
सेना और एनडीआरएफ का ऑपरेशन जारी है। रविवार सुबह मिट्टी दरकने से करीब साढ़े सात बजे दोनों किसान कुएं में दब गए थे। उनको निकालने के लिए पहले ग्रामीण अपने स्तर पर प्रयास करते रहे। शाम तीन बजे से सेना ने ऑपरेशन शुरू किया। सोमवार सुबह हलका विधायक एवं डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत बचाव कार्य में किसी तरह की ढील न होने दी जाए। पूर्व मंत्री संपत सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे।
गांव स्याहड़वा निवासी जयपाल हुड्डा (52) अपने हिस्सेदार जगदीश (46) तथा अपनी पत्नी सावित्री देवी के साथ रविवार सुबह खेत में पहुंचे थे। यहां वह अपने हिस्सेदार जगदीश को लेकर 40 फीट गहरे कुएं में लगी मोटर को निकालने के लिए लोहे की सीढ़ियों के जरिये कुएं में उतरे। सुबह करीब सात बजे वह मोटर वाले फट्टे पर काम कर रहे थे। इसी बीच करीब 7.15 बजे मिट्टी दरक गई। दोनों किसान कुएं में मलबे में दब गए।
मिट्टी दरकने की आवाज सुनकर सावित्री ने शोर मचाया। इस पर जयपाल का भतीजा अनुराग व अन्य किसान मौके पर पहुंचे। किसानों ने गांव में फोन कर अन्य लोगों को घटना की सूचना दी। लोग रस्सी लेकर कुएं में उतरे। हालांकि अंदर मिट्टी गिरते देख लोग वापस आ गए। किसानों ने ट्रैक्टर, जेसीबी, पॉकलेन के जरिये कुएं के साइड से खोदाई शुरू की।